क्लो का जादुई सोफ़ा

आवरण: क्लो, उसका कुत्ता स्प्रिंकल्स और एक छोटा काला पिल्ला, चटख रंगों वाले पैचवर्क सोफ़े पर, साथ में एक मेंढक और एक गाय, एक सफ़ेद मेहराब के नीचे जो समुद्र की ओर खुलती है।
लेखक: Klo & Nakash

हर उस इंसान के लिए, जिसे कभी लगा हो कि उसका आकार ही गलत है।

सोने से पहले पढ़ने वाली एक चित्र-कथा, अलग होने, दोस्ती और मिलकर काम करने के बारे में, 2 से 8 साल के बच्चों के लिए।

कहानी: एक सोफ़ा, एक सपना, और ऐसे दोस्त जिनका आकार गलत नहीं है

धूल भरे एक रेगिस्तानी कस्बे के किनारे क्लो नाम की एक लड़की अपने छोटे-से कुत्ते स्प्रिंकल्स के साथ रहती है। क्लो को रंग सबसे ज़्यादा पसंद हैं, पर उसके आसपास सब कुछ भूरा है, और कोने में पड़ा पुराना सोफ़ा तो सबसे फीका है।

एक शाम वह आख़िरकार अपने जादुई पेंट मार्करों के ढक्कन खोलती है और सोफ़े को भर देती है: एक मेंढक, कान के पीछे फूल लगाए एक गाय, एक जुगनू, एक उनींदा चाँद, और नकाश नाम का एक छोटा पिल्ला। उसी रात, मेंढक पलक झपकाता है।

रंगे हुए दोस्त क्लो को समुद्र किनारे के उस कस्बे तक ले जाना चाहते हैं जिसका वह सपना देखती है। पर पहले उन्हें एक जैसा आकार बनने की कोशिश छोड़नी होगी, और यह जानना होगा कि उनमें से हर कोई किस काम में अच्छा है।

अंदर एक झलक

क्लो अपने सोफ़े को तब तक रंगती है जब तक वह कस्बे की सबसे खुशहाल चीज़ नहीं बन जाता।
क्लो अपने सोफ़े को तब तक रंगती है जब तक वह कस्बे की सबसे खुशहाल चीज़ नहीं बन जाता।
सब जुगनू की तरह चमकने की कोशिश करते हैं।
सब जुगनू की तरह चमकने की कोशिश करते हैं। बात कुछ बनती नहीं।
दोस्त समझ जाते हैं कि उनके आकार अलग-अलग हैं, पहेली के टुकड़ों की तरह।
गलत आकार नहीं। अलग-अलग आकार, पहेली के टुकड़ों की तरह।
पिल्ला नकाश हर दोस्त तक एक धागा थामे हुए है।
हर दोस्त तक एक धागा, ताकि कोई कभी न खोए।

गतिविधि पुस्तक

रंग भरने के पन्नों और खेलों वाली एक साथी किताब, जिसमें सोफ़े के दोस्त ही मुख्य किरदार हैं। उन नन्हे कलाकारों के लिए जो अपना जादुई सोफ़ा खुद रंगना चाहते हैं।

किताब कहाँ मिलेगी

जल्द ही ई-बुक और प्रिंट करने लायक PDF के रूप में आ रही है। लिंक यहीं दिखेंगे।